आजीवन कारावास की सजा काट चुके कैदियों की रिहाई मामले की सुनवाई 13 जुलाई को

देहरादून -उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश की जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट चुके इन कैदियों की रिहाई के मामले में पर स्वत संज्ञान लेते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तारीख तय की है। जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद रिहा नहीं किया गया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह प्रत्येक मामले में अपना पक्ष अदालत में अलग-अलग शपथ पत्र के माध्यम से प्रस्तुत करें क्योंकि प्रत्येक मामले की सुनवाई अलग-अलग ही की जाएगी। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई यह मामला तब प्रकाश में आया जब यह पाया गया कि आजीवन कारावास की सजा पूर्ण कर चुके कई कैदियों को सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद जेल में रिहा नहीं किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी उच्च न्यायालय को निर्देश दिया था कि जिन कैदियों की सजा पूरी हो चुकी है उन्हें तत्काल रिहा किया जाए




